संस्थापक - राय स्वरेश्वर बली

संस्थापक परिचय

राय स्वरेश्वर बली उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र के जिला बाराबंकी मे स्थित रामपुर दरियाबाद रियासत के निवासी है। एक शिक्षाविद होने के रूप में वह भातखण्डे विद्यापीठ जो कि शास्त्रीय संगीत, नृत्य, वादन व गायन के क्षेत्र मे प्रसिद्व है, के उपाध्यक्ष है एवं लाल बहादुर शास्त्री इण्टर काॅलेज दरियाबाद के प्रबन्धक है, जो कि उत्तर प्रदेश बोर्ड से सम्बद्ध है और बाराबंकी जिले के दरियाबाद क्षेत्र का प्रसिद्ध इण्टर काॅलेज है।

राय साहब अवध के तालुकदारों की संस्था ब्रिटिश इण्डियन एसोसिएशन, अवध (अन्जुमन-ए-हिन्द, अवध) में सचिव के पद पर कार्यरत है। वह देवा मेला एवं प्रदर्शनी कमेटी के सदस्य है, उनसे पहले उनके पिता व बाबा इस समिति के सदस्य रहे है। जैसा कि आप सभी को विदित है कि वर्तमान समय में यदि आप इण्टरनेट से नही जुड़े है तो इसका तात्पर्य है कि आप समय की वर्तमान स्थिति से अत्याधिक दूर है। आजकल के समय में विज्ञान, प्रौद्योगिकी का कम्प्यूटर, इण्टरनेट, डिजिटल शिक्षा, ई-मेल, सामाजिक मीडिया मे महत्वपूर्ण योगदान है। एक वह समय था जब हम विधार्थी थे हमें ज्ञान अर्जित करने मे बहुत सारी कठिनाईयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, किताबों के लिए लाइबे्ररी की सैकड़ों अलमारियों में किताबें खोजनी पड़ती थी। वर्तमान समय मे यह सब कम्प्यूटर की एक क्लिक पर उपलब्ध है, क्योंकि गूगल जैसे सर्च इंजन पर सब कुछ उपलब्ध है इसी प्रकार से पुराने समय मे जैसे हम सभी को पत्राचार करने में बहुत अधिक समय लगता था और आज हम सिर्फ पत्राचार ही नही अपितु विडियो काॅल जैसी सुविधा के माध्यम से हजारों किलो मीटर दूर बैठे होने पर भी इस तरह से बात करते है जैसे कोई दूरी ही न हो। यह सब सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र मे हुई महत्वपूर्ण खोज का परिणाम है, जिसके माध्यम से हम कहीं पर भी रहकर संसार से जुडे रह सकते है।

इस प्रकार शिक्षा का विस्तार शहरी क्षेत्र मे तीव्र गति से हुआ है, हमारे प्रयासों से यह हमारे ग्रामीण क्षेत्रों मे भी पहुंच सकता है।

मेरे दादा राय उमानाथ बली ने भातखण्डे संगीत संस्थान, जो कि अब लखनऊ का एक डीम्ड विश्वविद्यालय है तथा भातखण्डे संगीत विद्यापीठ, जो कि भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य तथा स्वर की एक परीक्षण सम्बद्धता समिति है, की स्थापना की, जिसका मै उपाध्यक्ष हूं।

राय उमानाथ बली के आदेशानुसार उनके अनुज राय सोमनाथ बली ने दरियाबाद मे लाल बहादुर शास्त्री इण्टर काॅलेज की स्थापना की। मेरे बाबा राय उमानाथ बली ने संस्थागत शिक्षा के क्षेत्र में अत्यधिक योगदान दिया। लाल बहादुर शास्त्री इण्टर काॅलेज जिला बाराबंकी की एक महत्वपूर्ण सहायतायुक्त शिक्षण संस्था है।

जब मै आठवीं कक्षा में था तबसे कृषि का अभ्यास करता आ रहा हूं मुझे दरियाबाद एवं यहां के लोगो से अत्यधिक लगाव है और मै शुरू से यह चाहता था कि यहां के लोग उन्नति करें। मै जब इण्टरमीडिएट मे आया तो मैंने यह पाया कि यहां शिक्षा के अवसर अत्यधिक अल्प है। कभी-कभी तो मै यह सोचता था कि मेरे पास तो लखनऊ मे रहने एवं शिक्षा प्राप्त करने का अवसर है, क्योंकि मेरे माता-पिता वहां भी रहते है परन्तु उन लोगो का क्या जो दरियाबाद और आस पास के रहने वाले है, वे कैसे शिक्षा प्राप्त करेगें। इस प्रकार की सम्पूर्ण विचारधारा मेरे मानस पटल मे चलती रहती थी और मुझे अत्यधिक दुःखी स्थिति मे ले आती थी। मै यही सोचता था कि शिक्षा के क्षेत्र मे समअवसर होने चाहिए, चाहे वह शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र।

उस समय पर दरियाबाद मे कई विधार्थी ऐसे थे जो अग्रिम शिक्षा प्राप्त करने हेतु दूर-दूर जाते थे कुछ नदी पार कर, तो कई मीलो पैदल चल कर और थोड़े बहुत जिनके पास साइकिल थी वह साइकिल से शिक्षा प्राप्त करने जाते थे।

मै अग्रिम शिक्षा के क्षेत्र मे अपने साथियों के लिए कुछ नही कर सका, परन्तु हमारे कोशिश का रूप राय उमानाथ बली इंस्टीट्शनल एजूकेशनल सोसायटी ने ले लिया, जो न केवल शिक्षा के मानकों को कायम रख रही है बल्कि शिक्षा के क्षेत्र मे छात्रों की सहायता भी कर रही है।

हम अपनी सामाजिक, संास्कृतिक एवं परम्परागत मूल्यों को शक्तिशाली बनाते हुए एक शैक्षिक ज्योति जलाना चाहते है। वर्तमान समय में हमारे पास कला स्नातक (बी.ए.) और विज्ञान स्नातक (बी.एस.सी.) का पाठ्यक्रम उपलब्ध है। संस्थापना के प्रथम वर्ष मे यह विद्यालय केवल महिलाओं के लिए था। आधुनिक युग में पुरूष व महिलाएं दोनो कदम से कदम मिला कर चल रहे है, इस समान अवसर को प्रोत्साहित करते हुए यह अति आवश्यक था कि शिक्षा के अवसर दोनो लोगों अर्थात् छात्र एवं छात्राओं हेतु होने चाहिए। तदुपरान्त हमने यह निर्णय लिया एवं इस विद्यालय को सह-शिक्षा अनुमति प्राप्त कराने हेतु प्रार्थना करी, जो कि अधिकारियों द्वारा एवं विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकार हो गयी। अपनी द्वितीय वर्ष मे विद्यालय ने छात्राओं के साथ-साथ छात्रों का भी स्वागत किया।

राय उमानाथ बली महाविद्यालय, दरियाबाद बाराबंकी राय उमानाथ बली इंस्टीट्यूशनल एजूकेशन सोसाइटी) द्वारा संचालित है।

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